गोभी की किट और बीमारियां

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डाइमंड बैक मौध Diamond Back Moth

नुकसान की प्रवृत्ति और निशान:

  • इल्ली पौधे की पत्तियों , कलियो, फूलो तथा बीजो को नुकसान पहुचाती है |
  • इल्ली की प्रथम अवस्था में वह पत्तियों में सुरंग तैयार करती है तथा उसकी द्वितीय अवस्था इन्ही सूरंग में उत्पन्न या तैयार होती है | तथा वह पत्तियों की निचली सतह को खाती है |
  • फूल गोभी व पत्तागोभी में इन कीट के चबाने की आदत के कारण अनियमित धब्बे बनते है |

उपचार :

इनमे से किसी एक का छिड़काव करे |

  1. Chlorpyriphos 40 ml
  2. Fame 5 ml / 15 lit of wather

 

अल्टरनेरिया लीफ स्पाट Alternaria Leaf Spots

नुकसान की प्रवृत्ति और निशान:

  • पत्तियों पर धब्बो का बनना इस रोग का प्रमुख लक्षण है |
  • अंकुरण के तुरंत बाद बीजांकुर की डंठल पर गहरे धब्बे दिखाई पड़ते है  जिसके परिणामस्वरूप आद्रपतन होता है तथा पौधे की व्रद्धी रुक जाती है |
  • लक्षण सर्वप्रथम निचली पत्तियों पर काले बिंदु के रूप में प्रकट होते है जो कि बाद में विकसित होकर बड़े गोल, संकेद्रित अलग अलग

उपचार :

इनमे से किसी एक का छिड़काव करे |

  1. Headline 15 gm
  2. Ridomil 25 gm /pump

पत्तागोभी का कला सडन Black Rot Of Cabbage

नुकसान की प्रवृत्ति और निशान:

  • बड़े पीले तथा नारंगी रंग के V आकार के विघलन जैसे शाखीय धब्बे तथा मुरझाना पौधे की वृद्धि रुकना डंठल का सड़ना यह रोग के लक्षण है |
  • पौधे के वायुवीय भागो का रंग में परिवर्तन तथा जीवाणुओ का आक्रमण होने के कारण इस रोग को कला सडन रोग कहा जाता है |
  • इस रोग के लक्षण फ्यूजेरियम विल्ट (मुरझाना) की तरह दिखाई पड़ते है |

उपचार :

  1. बिना गोभी फसल वाला तीन से चार वर्षो का फसल चक्र अपनाए |
  2. streptocycline का दो ग्राम प्रति पम्प की दर से छिड़कॉव करे |