शनिवार, सितम्बर 25, 2021

हल्दी की खेती कैसे होती है हल्दी की खेती की...

मसाले एवं रंग के रूप में कम आने के अलावा औषधि के रूप में भी इसका अत्यधिक महत्व है सुखी एवं कच्ची हल्दी को त्वचा के रोगों तथा कटे हुए भागो पर लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है भीतरी रोगों के लिए यह एक उत्तेजक एवं सुगन्धित टोनिक का कार्य करता है हिंदुवो में हल्दी का उपयोग धार्मिक अवसरों में भी किया जाता है यह पायरिया नाशक नेत्ररोग चर्मरोग नाशक रक्त शोधक पेट दर्द निवारक होने के साथ साथ अन्य कई रोगों में एंटीसेप्टिक के रूप में इसका उपयोग होता है वर्तमान में इससे अनेक औषिधिय तेल मलहम तथा अनेक आयुर्वेदिक तथा होम्योपैथिक दवाओं का निर्माण होता है गांठो में पीला रंग उसमे पाए जाने वाले रसायन करक्यूमिन के कारण होता है भारत में हल्दी की खेती मुख्यता महारास्ट कर्नाटक असम मध्यप्रदेश बिहार उदिशा आँध्रप्रदेश तथा तमिलनाडु में किया जाता है हल्दी का मूलस्थान भारत ही मन जाता है  हल्दी की खेती के लिए उपयुक्त किस्मे - varieties for turmeric farming in hindi-

बैगन की खेती कैसे की जाती है कब और की जाती...

बैगन का botanical name या होता है -what is botanical name of brinjal- Solanum melongena बैगन का वानस्पतिक नाम होता है 

“जाने सिंघाड़ा की पूरी खेती की जानकारी”-

"जाने सिंघाड़ा की पूरी खेती की जानकारी"- सिंघाड़ा जिसे अंग्रेजी में वाटर चेस्टनट भी कहते हैं। भारत में उगाई जाने वाली कुछ महत्वपूर्ण फलदार फसलों...